Moradabad News : महानगर अध्यक्ष ग्रीश भंडूला की नई कमेटी क्या 2027 में पार करायेगी भाजपा की नैया

मुरादाबाद। विधानसभा 2027 के चुनाव से पहले भाजपा ने अपनी कमर कस ली है। यही कारण है कि पिछले पांच साल से पुराने संगठन के भरोसे ना रहकर नये संगठन में नये चेहरो को तवज्जों दी गयी। ताकि नये चेहरे नई उर्जा के साथ भाजपा के परचम को लहराये। लेकिन संगठन को मजबूत करने का फायदा तभी भाजपा को मिलेगा जब महानगर की जनता की नाराजगी भाजपा दूर कर पायेगी। वरना 2022 में एक सीट जीतने वाली भाजपा 2027 में उस सीट से भी हाथ धो बैठेगी।
महानगर अध्यक्ष ग्रीश भंडूला के कंधों पर बड़ी चुनौती
महानगर अध्यक्ष ग्रीश भंडूला पंजाबी समसज से आते है और बड़े व्यापारी है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक संगठन में उनकी पकड़ सिर्फ एक कठपुतली जैसी हैं। उनकी कमान शहर के एक बड़े नेता के हाथ में रहती है उसी नेता के कहने पर ही संगठन के सभी कार्य होते है। क्योकि उसी नेता की सिफारिश पर ही ग्रीश भंडूला को महानगर अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी और उस नेता की इस बार जनता में नाराजगी बहुत ज्यादा है। अब ऐसे में महानगर अध्यक्ष के लिए ये बड़ी चुनौती बनी हुई है कि जनता की नाराजगी दूर करें या फिर नेता जी कि सुने। क्योकि नेता जी के भरोसे ही महानगर अध्यक्ष की सीट पर ग्रीश भंडूला को मिली है।
जनता क्यों है भाजपा से नाराज?
2027 में भाजपा की जीत का रास्ता महानगर से साफ नही है इस रास्ते में इस बार कई रोडें भाजपा के सामने आयेगें। जिसमें जनता के नाराजगी सबसे उपर है। सैनी बाहुलय नगर सीट पर इस बार सैनी ही भाजपा के लिए पहला रोड़ा बनेगें। जिसका मुख्य कारण है कपूर कम्पनी की सालों से लगी आ रही सब्जी मंडी। जिसे भाजपा के कार्यकाल मे ही हटवा दिया गया और जनप्रतिनिधियों के कहने पर भी बुल्डोजर एक्शन नही रूका। जिस कारण कई घर भुखमरी की कगार पर आ गये।
रेडी पटरी खोखें वाले हुये बेरोजगार: मुरादाबाद शहर में अगर भाजपा सरकार में कोई सबसे ज्यादा परेशान हुआ है तो वो है रेडी पटरी खोखें वाले। अब वो चाहे बुद्ध बाजार के हो या फिर लाइनपार के। स्मार्ट सिटी योजना के तहत सौंदर्यकरण के करण सबसे पहले इन्ही छोटे व्यापारियों को बेरोजगार किया गया। लाइनपार में सबसे ज्यादा सैनी, पाल कश्यप बिरादरी ही ठेले लगाती आ रही है। सीएम ग्रीड योजना पूरी होने के बाद इन ठेले वालों यही डर सता रहा है कि अब वो अपने ठेले क्हा खडा़ करेगें। जबकि नगर निगम इन ठेले वालो से सालाना फीस भी वसूलता है। उधर बुद्ध बाजार का भी यही हाल है टाउन हाल से लेकर पूरे स्टेशन रोड के ठेला व्यापारियों को प्रशासन द्वारा हठवा दिया गया। अब वो लोग कभी अपना ठेला इधर उधर खड़ा भी कर लेते है तो नगर निगम जुर्माने के साथ उनका सामान भी जप्त कर लेता है जिससे गरीब की कमर और टूट जाती हैं।
लाइनपार को कभी नही मिला शौचालय : भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले लाइनपार को आजतक एक सार्वजनिक शौचालय नही मिला। कपूर कम्पनी पूल से लेकर मझोला तक एक भी शौचालय न होने के कारण यहां के दुकानदार काफी परेशान है। सबसे ज्यादा जनप्रतिनिधि इन्ही दुकानदारों के वोट से जीतकर सदन में पहुचते हैं और इन्ही दुकानदारों की यह समस्या आजतक दूर नही हुई।
रोडवेज के सामने की दुकानों पर बुलडोजर एक्शन : मुरादाबाद शहर के रोडवेज के सामने बनी दुकाने कई सालों पुरानी है। भाजपा शासन में इस बार उन दुकानों पर भी बुलडोजर कार्यवाही कर दी गयई हालाकि नगर विधायक और कई विपक्षी नेताओं के सामने आने पर कार्यवाही रूक तो गई लेकिन दुकानदारों को आज भी डर है कि कब उनकी दुकानो पर बुलडोजर चल जाये।
मण्डी समिति पर बुलडोजर कार्यवाही: शहर की एक मात्र मण्डी समिति भी भाजपा के कार्यकाल में बुलडोजर कार्यवाही से पीछे नही रही। मण्डी समिति में सालों से काम करते आ रहे आढतियों को गैर कानूनी बताकर मण्डी समिति को कब्जामुक्त कराने के उदेश्य से सरकार का बुलडोजर चलवा दिया गया। उस बुलडोजर कार्यवाही पर नगर विधायक को खुद सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। इतना ही नही भाजपा के नेताओं द्वारा मण्डी सचिव को पीटने की घटना को भी अंजाम दिया गया। जिसके बाद बुलडोजर कार्यवाही तो रूक गयी लेकिन आढतियों को आज भी डर है कि कब उनसे सालों पुराने इस व्यापार को छीन लिया जायेगा।
ऐसे ही विकास के अन्य कई मुछदों को लेकर जनता में नारजगी बनी हुई है। भाजपा के कार्यकाल में ही भवन कर, जल कर का बढना, गैस सिलेडर की सब्सिडी खत्म करना, सडकों के गढढे, टूटी नालियोें के कारण जलभराव जैसी समस्याओं का निदान न होना जनता की नाराजगी का कारण है।
ऐसे में भाजपा अब इन नाराजगियों के चलते जनता को कैसे मनायेगी ये भाजपा संगठन और जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ी चुनौती है। इन्ही चुनौतियों का सामना महानगर अध्रूख को 2027 के चुनावों में करना पडेगा। कार्यकर्ता जब जनता के बीच वोट की अपील करेगातो कैसे उनकी नाराजगी को चात्म कर पायेगा। ये भाजपा महानगर के लिए बड़ा सवाल है।
अगले अंक में : महानगर के विकास में सबसे ज्यादा किस नेता का हुआ विकास




