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Moradabad Political News : एकता कौशिक की एंट्री कही सपा का रूचिवीरा फार्मुला तो नही

कौन है सपा की खुबसूरत महिला नेता जो कहलाती है आजम खान की मुंहबोली बेटी

मुरादाबाद और रामपुर में समाजवादी पार्टी की राजनिति में एक नयी चर्चा उस समय शुरू हो गयी जब एक खुबसूरत युवती ने कई गाडियों के काफिले के साथ अम्बेडकर जयंती के कार्यक्रमों में शिरकत की और सोशल मीडिया पर लिखा मुरादाबाद आना अच्चा लगता है और आगे भी सभी कार्यक्रमों में शिरकत करती रहेगी। ये खुबसूरत युवती कोई और नही बल्कि आजम खान पर आयकर की रेड के दौरान गाजियाबाद के राजनगर में जिस घर में रेड पड़ी थी तब आजम ने एक बयान दिया था कि क्या गुनाह किया है कि वो मेरी बेटी है। ये बेटी कोई और नही बल्कि ज्वैलरी डिजाइनर एकता कौशिक है जो कुछ सालों से आजम खान के साथ देखी जा रही थी। अब मुरादाबाद में उनकी शिरकत से अंदाजा लगाया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी मुरादाबाद या रामपुर से उन्हे विधानसभा चुनाव के रण में उतार सकती है। एकता कौशिक, आजम खान और उनके परिवार की कितनी करीबी हैं, इसका अंदाजा आप आजम खान के उस बयान से लगा सकते हैं, जो उन्होंने एकता कौशिश को लेकर दिया था. दरअसल, जब आजम खान के खिलाफ इनकम टैक्स लगातार कार्रवाई रही थी, तब जांच एजेंसी ने एकता कौशिश के गाजियाबाद स्थित घर में भी रेड मारी थी. इनकम टैक्स द्वारा आजम खान से एकता कौशिश को लेकर सवाल भी पूछे गए थे.

 

‘क्या है ये गुनाह है कि वो मेरी बेटी है’

जेल की सैर अब आजम के लिए आम हो चुकी है, लेकिन इस बीच उनके परिवार और करीबियों पर भी नजरें टिक गई हैं। इसी क्रम में फिर से चर्चा में आ गई हैं आजम की ‘मुंहबोली बेटी’ एकता कौशिक – एक हिंदू ब्राह्मण लड़की, जो खूबसूरती में बॉलीवुड की मशहूर ऐश्वर्या राय को भी मात देती हैं। आइए, जानते हैं एकता कौशिक के बारे में सबकुछ – उनकी पहचान, जाति, आजम से रिश्ता और विवादों से घिरी जिंदगी…

एकता कौशिक की पहचान- मॉडलिंग से रियल एस्टेट तक का सफर

एकता कौशिक गाजियाबाद के पॉश इलाके राजनगर सेक्टर-9 की रहने वाली हैं। वे पूर्व जीडीए (गाजियाबाद विकास प्राधिकरण) के अवर अभियंता परितोष शर्मा की बहू हैं। परितोष शर्मा के परिवार का लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ाव रहा है – राहुल गांधी समेत कई बड़े कांग्रेसी नेता उनके घर आ चुके हैं। परितोष ने 2009 में वॉलंटरी रिटायरमेंट (वीआरएस) लिया और रियल एस्टेट का कारोबार शुरू किया, जो आजम खान के सपा कार्यकाल में खूब फला-फूला। एकता के पिता सुरेंद्र कौशिक भी जीडीए के लेखा विभाग में अकाउंटेंट थे और स्वर्ण जयंतीपुरम जमीन आवंटन घोटाले में उनका नाम आया था। एकता ने नोएडा के फिल्मसिटी स्थित मारवाह स्टूडियो में ज्वेलरी डिजाइनिंग का कोर्स किया, लेकिन जल्द ही मॉडलिंग की दुनिया में कूद पड़ीं। उनकी खूबसूरती ऐश्वर्या राय जैसी लगती है – लंबे बाल, चमकदार स्किन और कॉन्फिडेंट स्माइल। सोशल मीडिया पर उनकी फोटोज में ग्लैमरस अवतार देखकर फैंस कमेंट करते हैं, ‘ऐश्वर्या को टक्कर!’ वे रियल एस्टेट और फैशन डिजाइन में सक्रिय हैं, लेकिन राजनीतिक रसूख ने उन्हें असली पहचान दी।

बेटे अदीब की दोस्ती से मुंहबोली बेटी तक का सफर

एकता का आजम परिवार से रिश्ता 2009 से है। नोएडा फिल्मसिटी में ज्वेलरी कोर्स के दौरान उनकी मुलाकात आजम के छोटे बेटे अदीब खान (Azam Khan Son Adeeb Khan) से हुई, जो मॉडलिंग कोर्स कर रहे थे। दोनों की दोस्ती इतनी गहरी हुई कि एकता का आजम के घर आना-जाना शुरू हो गया। धीरे-धीरे वे तंजीन फातिमा (आजम की पत्नी) की भी करीबी बन गईं। आजम ने एकता को ‘मुंहबोली बेटी’ का दर्जा दिया – खासकर जब 2023 में तंजीन गंगाराम अस्पताल में भर्ती हुईं, तो एकता ने उनकी दिन-रात सेवा की। आजम ने कहा था, ‘मेरी कोई अपनी बेटी नहीं है, लेकिन अगर चार बेटियां भी होतीं, तो एकता जैसी सेवा न कर पातीं। हिंदू-मुस्लिम ‘एकता’ बनी मिसाल।

विवादों की भंवर- IT रेड से किताब चोरी केस तक, आजम की मदद से फला कारोबार

एकता की जिंदगी विवादों से खाली नहीं। 2023 में गाजियाबाद के राजनगर में उनके आलीशान घर पर आयकर विभाग ने 4 दिनों तक रेड मारी। विभाग को नकदी, गहने, दस्तावेज और लॉकर की चाबियां मिलीं।  2023 में खरीदी तीन लग्जरी कारें – जगुआर, BMW और मर्सिडीज। आजम के घर पर भी 3 दिनों की रेड चली। आजम ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ कहा और एकता को बेटी बताकर बचाव किया। रामपुर के ओरिएंटल कॉलेज से किताब चोरी के मामले में एकता आजम के साथ आरोपी बनीं। 2024 में कोर्ट में पेश हुईं और अग्रिम जमानत मिली। रामपुर थाने के रजापुर गांव से सुरेंद्र कौशिक का कनेक्शन भी जांच का हिस्सा रहा। सपा कार्यकाल (2012-17) में आजम की मदद से परितोष का रियल एस्टेट बिजनेस बूम हुआ – जमीन डील्स और प्रोजेक्ट्स में फायदा। लेकिन IT और ED की नजर बनी रही।

रूचिवीरा वाला फार्मुला लगाया तो सपा की जीत पक्की

समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद सीट पर आखिरी समय में सांसद डा0 एसटी हसन का टिकट काटकर बिजनौर की रूचिवीरा को चुनाव मैदान में उतारा था कई विवादों के साथ रूचिवीरा ने चुनाव जीत लिया। अब राजनिति के ज्ञाताओं का कहना है कि अगर समाजवादी पार्टी अब वही फार्मुला अपनाती है तो मुस्लिम के साथ हिन्दू वोटों पर भी पकड़ बनेगी और सीट सीधे एक तरफा जीत करेगी।

 

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