Moradabad : लेखपाल-सचिव गांव में रात्रि विश्राम कर करें काम, 3 दिन में दूर हों पेयजल-जलभराव की समस्याएं

मुरादाबाद। पंचायत भवन सभागार में मंडलायुक्त संगीता सिंह, जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया और मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी की मौजूदगी में लेखपालों, ग्राम पंचायत सचिवों और नोडल अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ग्रामीण समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त संगीता सिंह ने कहा कि गांव की समस्याएं जिला स्तर तक पहुंचना ग्राम स्तरीय कर्मचारियों की जिम्मेदारी में कमी का संकेत है। उन्होंने लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिवों को अपने आवंटित गांव में रात्रि विश्राम करने और ग्राम सचिवालय से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों से लगातार संवाद बनाए रखने और सरकारी भूमि का निरीक्षण कर उसे अतिक्रमणमुक्त कराने को कहा।
वहीं जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने आईजीआरएस शिकायतों का मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, प्रकाश, हैंडपंप, जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं का समाधान तीन दिन के भीतर कराने तथा किसी भी शिकायत को 15 दिन से अधिक लंबित नहीं रखने को कहा।
जिलाधिकारी ने लेखपालों और सचिवों को बिना सूचना अनुपस्थित न रहने तथा अवकाश के लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेने के निर्देश दिए। साथ ही गांव में अवैध गतिविधि, मिलावट, दुर्घटना, जलभराव और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी घटनाओं की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को देने को कहा।
कार्यशाला में फार्मर रजिस्ट्री, आयुष्मान कार्ड, फैमिली आईडी और आभा आईडी जैसी योजनाओं का लाभ सभी पात्र ग्रामीणों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाने, सड़कों पर गोबर डालने की समस्या खत्म कराने और गांवों में नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि ग्राम स्तर पर कर्मचारियों की सक्रिय मौजूदगी और ग्रामीणों से बेहतर संवाद के जरिए स्थानीय समस्याओं का समय से समाधान किया जा सकता है। कार्यशाला में जॉइंट मजिस्ट्रेट शक्ति दुबे, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा, सभी एसडीएम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




